सफेद मूसली आज के समय में पुरूषों के लिए वरदान साबित हो रहा है,इसका मुख्य कारण है,अधिकतर पुरुष मैं मर्दानगी ताकत बहुत कम है या खत्म हो चुकी है!इसका मुख्य कारण निम्न प्रकार है:-1) कम उम्र से ही हस्तमैथुन करना।
2)गलत संगत के कारण अधिक पोर्न मूवी देखना।
3)उचित खान -पान न करना,अत्यधिक शराब या नशीली पदार्थ का सेवन ।
4)अत्यधिक हस्तमैथुन करने से वीर्य का पतला होना एवम लिंग का पतला होना टेढ़ापन होना।
5)अत्यधिक हस्तमैथुन करने से वीर्य नील शुक्राणु में बदल जाता है,जिसके कारण उनके वीर्य में बच्चे पैदा करने की क्षमता नही होती है।
6)आज के समय मैं बहुत सारी स्त्री - पुरूषों में अनबन मन - मुटाव का भी कारण यही है,पुरुष अपनी स्त्री को शारीरिक संबंध का सुख नही दे पता है,जिसके कारण बहुत सारी विवाहित जीवन भी टूट जाती है।
इन 👆सारी समस्याओं का एक इलाज सफेद मूसली,यानी की सफेद मूसली के सेवन से पुरुषों मैं मर्दाना ताकत वापस आ जाता है।।
आइए देखते हैं,सफेद मूसली की खेती कैसे की जाती है?
सफेद मूसली की फसल की बुआई जून-जुलाई महीना के 1 से 2 सप्ताह के अंदर ही की जाती है, जिसके कारण इन महीनों में प्राकृतिक वर्षा होती है। सफेद मूसली के फसल को 10 दिनों के अंतराल में पानी देना बहुत जरूरी होता है!इसकी सिंचाई हल्की और छिड़काव हो तो वह सबसे बेहतर होता है। किसी भी परिस्थिति में खेत में पानी नहीं रूकना चाहिए। साथ ही खाद के लिए 30 से 35 टन गोबर की खाद भी प्रति हेक्टेयर दें।इसकी फसल में जैविक खाद का ही प्रयोग करें। यहां पर सुविधा के लिए खेत में 10 मीटर लंबे 1 मीटर चौड़ें तथा 20 सेमी ऊंचे बेड लेते है।
इतने दिनों में तैयार होगी फसल
बुआई के कुछ दिनों बाद ही पौधा बढ़ने लगता है, उसमें पत्ते, फूल और बीज आने लगते है और अक्टूबर और नवंबर में पत्ते पीले होकर सूखकर झड़ जाते है।बाद में कंद इसके अंदर ही रह जाता है. साधारणयतः इसमें की भी बीमारी नहीं होती है। कभी-कभी इसमें कैटरपिलर लग जाता है जो कि पत्तों को नुकसान पहुंचाता है। इस प्रकार 90 से 100 दिनों में पत्ते सूख जाते है।परंतु कंद को तीन से चार महीने रोककर निकालते है जब वह हल्के भूरे रंग के हो जाते है।इसमें प्रत्येक पौधों से विकसित कंदों की कुल संख्या 10 से 12 होती है।
सफेद मूसली से होने वाली आर्थिक लाभ?
प्रति एकड़ क्षेत्र की बात करें तो 80 हजार पौधे मूसली के लगाए जाते है तो 70 हजार बढ़िया पौधे तैयार होते है। एक पौधे से 25 से 30 ग्राम कंद प्राप्त होता है। सूखाकर 4 क्विंटल सूखी कंद प्राप्त होता है। इसकी अनुमानित महीने की फसल से 1 से 1.5 लाख रूपया नगद आमदनी हो सकती है, बशर्ते सूखी कंद के अच्छे रूपए मिल जाएंगे। शुद्ध लाख एक से दो लाख हो सकती है।
सफेद मूसली के औषधीय फायदे :-
✅सफेद मूसली स्त्री और पुरूष दोनों के लिए लाभकारी है।
✅महिलाओं लिकोरिया की समस्या गंदा और बदबूदार पानी आना मासिक धर्म की समस्या को ठीक करता है!जिन महिलाओं मैं गर्भ नही ठहरता है या बच्चा गिर जाता है उसमे भी बढ़िया काम करेगा।
✅मांसपेशियों को मजबूत करता है।
✅यौन संबंधी रोगों में लाभकारी है,प्रजनन क्षमता को बढ़ाता है।
✅जोड़ो की दर्द के लिए सहायक है!और भी बहुत प्रकार के रोगों को ठीक करने की क्षमता है।
सफेद मूसली की गांठ वाली जड़ें और बीजों का इस्तेमाल औषधि के रुप में सबसे ज्यादा किया जाता है। आमतौर पर सफेद मूसली का उपयोग सेक्स संबंधी समस्याओं के लिए अधिक होता है लेकिन इसके अलावा सफेद मूसली का इस्तेमाल आर्थराइटिस, कैंसर, मधुमेह (डायबिटीज),नपुंसकता आदि रोगों के इलाज में और शारीरिक कमजोरी दूर करने में भी प्रमुखता से किया जाता है। कमजोरी दूर करने की यह सबसे प्रचलित आयुर्वेदिक औषधि है। जानवरों पर किये एक शोध में इस बात की पुष्टि हुई है कि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं साथ ही यह सेक्स संबंधी गतिविधि को बढ़ाती है और टेस्टोस्टेरोन जैसे प्रभाव वाले सेक्स हार्मोन का स्तर बढ़ाती है।
सफेद मूसली कितने रुपया किलो बिकता है?
सफेद मूसली 1000रू से 1200 रू किलो तक बिकता है।
देश - दुनियां मैं सफेद मूसली की कितनी डिमांड है?
अभी के समय मैं सफेद मूसली की मांग बहुत ज्यादा है,बड़ी - बड़ी मल्टीनेशनल मार्केटिंग कंपनियां सफेद मूसली से फूड सप्लीमेंट का प्रोडक्ट बनाकर लोगो के बीच पंहुचा रही है,जिस कारण सफेद की मांग बहुत ज्यादा है
नोट:- सफेद मूसली को गुप्त रोग विशेषज्ञ भी कह सकते हैं।

6 Comments
Nice
ReplyDeleteThanks for coment
DeleteSuper 👌
ReplyDeleteThank you
DeletePatanjali ka musli mene use kiya h
ReplyDeleteAchchhi jankari
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